इक़रार-ए-मोहब्बत तो बड़ी बात है लेकिन इंकार-ए-मोहब्बत की अदा और ही कुछ है ये दिन तो सर्फ़ आप के वादों में हो गए अब दिन नया निकालिए इक़रार के लिए तेरी मजबूरियाँ दुरुस्त मगर तू ने वादा किया था याद तो कर इक़रार है कि दिल से तुम्हें चाहते हैं हम कुछ इस गुनाह की भी सज़ा है तुम्हारे पास #$yaDav
बड़े ही चुपके से भेजा था मेरे महबूब ने मुझे एक गुलाब कमबख्त उसकी खुशबू ने सारे शहर में हंगामा कर दिया। 2. तेरी आहट से ही मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है, तेरे होने का अहसास मेरे सांसें बयां कर जाती है, ये सुंदर गुलाब तेरी ही यादों का हिस्सा है, जिसे देख फिर से वो खुशियां जवां हो जाती हैं #$yaDav
मेरा हर ख्वाब आज हकीकत बन जाए, जो हो बस तुम्हारे साथ ऐसी जिंदगी बन जाए, हम लाए लाखों में एक गुलाब तुम्हारे लिए और ये गुलाब मोहब्बत की शुरुआत बन जाए। 2. मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं, तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं, मैं गुलाब हूं तेरे गुलशन का, तेरे सिवा मुझपर किसी का हक नहीं। #$yaDav
अगर छू जाए मेरे गुलाब आपको तो एतबार जरूर करना हम से न सही पर गुलाब से हमारे प्यार जरूर करना हम तो समझ जाएंगे आपकी आंखों को भी बस अपनी आंखों से इजहार जरूर करना। #SyaDav
दोस्ती अपनी भी असर रखती है राधेय बहुत याद आएँगे ज़रा भूल कर तो देखो मेरी साँसें मेरी तकदीर से उलझ जाती हैं... एक पल जो तुझे भूलने का सोचता हूँ राधेय मेरी साँसें मेरी तकदीर से उलझ जाती हैं मोहब्बत के अंदाज़ जुदा होते हैं साहब किसी ने टूट के चाहा और कोई चाह के टूट गया #SyaDav